बुधवार, 3 दिसंबर 2008

हम हिन्दी से दूर क्यो?

क्या हम अपनी भाषा से इतने दूर हो गए है की इसके लिए थोडी खोजबीन भी नहीकर सकते ?
ये मित्र पटल हिन्दी भाषा के लिए एक उन्नति का साधन होगा ।
यूनिकोड के समर्थको को इसके लिए एकजुट हो जाना चाहिए ताकि हिन्दी भाषा को एक उन्नत भाषा के रूप में विश्व पटल पर रखा जा सके ।
हम ज्यादा से ज्यादा हिन्दी का उपयोग करे और औरो को करवाने का संकल्प ले ।

1 comments:

DREAM on 10 दिसंबर, 2008 07:14 ने कहा…

dhanyawad aapki comments ke liye,mera blog abhi naya hai , kuch technical prob. hain abhi blog ko sajane ke bare mein jankari nahin hai , aapka blog achcha hai , pl mujhe guide karen.

jahan tak hindi se door rahne ka sawal hai mera ek hi jawab hai "complex" superiority or inferiority. excuse me main hindi mein jawab nahin de pa raha hun kyonki abhi main sab kuchh set nahin kar pa raha hun. dhanyawad.

yogesh swapn

 

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